श्योपुर Sheopur: अंबेडकर पार्क Ambedkar Park की सेवा करने वाले साधु की पिटाई। Police नहीं लिख रही FIR , पीड़ित साधु ने रो-रो कर सुनाई Phone पर निडर संवाद को अपनी आपबीती।
क्या है पूरा मामला?
मध्य प्रदेश: श्योपुर जिला के थाना ढोढर के अंतर्गत आने वाले ग्राम सुठारा में अंबेडकर पार्क की सेवा व देख- रेख करने वाले संत ने सुठारा गांव के ही कुछ जातिवादी लोगों पर अपने साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
घटना 23 मार्च की सुबह की बताई जा रही है। इस वीडियो में साफ-साफ देखा और सुना जा सकता है जिसमें कोई व्यक्ति अंबेडकर पार्क की देखरेख करने वाले बाबा को धमकी देकर कह रहा है कि “तेरे जैसे दादा तो मेरे आगे-पीछे घूमते हैं यहां रह ले टेम पास (Time paas) कर ले। 2 मिनट में निकाल देंगो, 15 मिनट में जाए (Ambedkar Parke) खाली कराई देंगो ।
ट्रेक्टर चला कर पेड़ पौधा किए नष्ट
पीड़ित साधु ने निडर संवाद से फोन पर बात करते हुऐ बताया कि ” में इस बाबा साहब, बुद्ध भगवान के पार्क पार पिछले 7-8 साल हो गई यहां, कल ( 23 मार्च को) एक ब्राह्मण विवेक शर्मा ने और 6-7 संग और आए और टैक्टर से पेड़ पौधा तोड़ दए। और मेई मारपीट करी महाराज. और कहा तोए 3 मिनिट में हिल्ले लगाई देंगों।”
अपराधियों को बचा रही पुलिस
पीड़ित साधु ने निडर संवाद को आगे बताया कि मैं अपने साथ हुए में इस अन्याय के खिलाफ न्याय चाहता हूं।लेकिन पुलिस मामला दर्ज नहीं कर रही है कल जब मैं मामला दर्ज कराने पुलिस थाना गया तो पुलिस द्वारा मेरा मामला दर्ज़ नहीं किया गया है। उल्टा मुझे थाने में 4-5 घंटे बिठाया गया, मेरे साथ हुए अन्याय का पुलिस मामला दर्ज़ नहीं कर रही है, केवल आवेदन लिया गया है पुलिस और अपराधी पक्ष मिले हुए हैं। साहब मुझे न्याय दिला दो।
घटना स्थल पर कोई बात नहीं हुई
इस मामले में जब निडर संवाद ने थाना प्रभारी ढोढर से बात की तो थाना प्रभारी रामबरन सिंह तोमर ने बताया कि “मैं खुद मैं खुद घटनास्थल पर जांच करने गया हूं घटनास्थल पर ऐसी कोई बात नहीं हुई है मैंने ब्राह्मण और साधु दोनों पक्षों का आवेदन ले लिया है।”
कानून क्या कहता है?
1.अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(x) के तहत जो कोई भी, अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का सदस्य नहीं हो, अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के सदस्य का जानबूझकर अपमान करता है या सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के इरादे से डराता है, वह कारावास की एक अवधि के साथ दंडनीय होगा, जो छह महीने से कम नहीं होगी लेकिन जुर्माने के साथ पांच साल तक बढ़ाई जा सकती है।
2.एक दूसरे को अश्लील गालियां देना भारतीय दंड संहिता की धारा 294 में दंडनीय अपराध है। धारा 294 राजीनामे के योग्य धारा भी नहीं है, अर्थात इस धारा में दोनों पक्ष का राजीनामा भी नहीं कर सकते क्योंकि गालियां देने से केवल पीड़ित पक्षकार को तकलीफ नहीं होती है अपितु समस्त समाज को तकलीफ होती है। इसलिए इस धारा में राजीनामा भी नहीं किया जा सकता।
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